Insaan kyu sota hai - मनुष्य क्यों सोते है , अभी तक ये भी पता नहीं लगा पाए है वैज्ञानिक ! " हम क्यों सोते है ये भी अभी वैज्ञानिक नहीं बता सकते है तो फिर मनुष्य ने आज तक किया क्या है ? जी हां ये ही ज्वलंत सत्य है जो आप भी नहीं जानते है।
अभी युवाओ को सोना सबसे ज्यादा पसंद है , हरभजन सिंह तो दिन में 14-16 घंटे तक सोने के शॉकिंग है जबकि बुढ़ापे में लोगो को 3-4 घंटे से ज्यादा नींद नहीं आती है ! ऐसे में सवाल ये है की आखिर हम सोते ही क्यों है जब जिंदगी मिली है तो उसे खुल के लिए क्यों नींद में समय व्यर्थ करे !
मनुष्य अपने जीवन का एक तिहाई समय सोके ही गुजार देता है , लेकिन वैज्ञानिक अभी भी प्रमाणित तौर पे ये नहीं तय कर पाए है की आखिर मनुष्य सोता क्यों है ?
हालाँकि इस्पे रिसर्च खूब हुआ है , लेकिन इसमें ये ही बात पता चली है की सोने के क्या क्या फायदे है ! जाने ऐसे ही आश्चर्यजनक फैक्ट्स आगे इस उत्तर में ...
अगर आपको लगता है की दिन भर के काम से हम थक जाते है और इसलिए सो जाते है तो ये तर्क पर्याप्त नहीं है , क्योंकि सोते समय हमारी ज्यादा ऊर्जा उपयोग होती है ! क्या आपको पता है की दिमाग हमारे शरीर का केवल 2 % हिस्सा है जबकि वो फेफड़ो द्वारा सोखी गया प्राणवायु ( ऑक्सीजन ) का 20 % उपयोग करता है !
शरीर एक मशीन है ये तो सही है लेकिन क्या हम वास्तव में सोते भी है ? क्योंकि जब हम सोते है तब भी हमारा दिमाग काम करते ही रहता है, दिमाग बंद हो जायेगा तो मनुष्य जीवित ही नहीं रहेगा ! इसका एक मतलब ये है की नींद दरअसल एक तरह की बेहोशी है जिसके दौरान हमारी शारीरिक चेष्टाएँ कम हो जाती है ! इस्पे भी दुनिया के अस्सी प्रतिशत लोग नींद में बड़बड़ाते है और तो और लगभग 15 % दुनिया की आबादी को नींद में चलने की बीमारी होती है!
नींद से क्या फायदे है ये तो वैज्ञानिको ने रिसर्च से पता कर लिया है उसमे से कुछ है : मांसपेशियों को बढ़ने , ऊतक की मरम्मत , और हार्मोन को संश्लेषित करने के लिए , हमारे शरीर को बहाल करने और उसे फिर से जीवंत करने के लिए सोने की ( लंबी अवधी) की आवश्यकता होती है।
दुनिया में कई ऐसे भी शक्श है जो बीमारी से ही सही लेकिन दशकों से सोये ही नहीं है , पौराणिक इतिहास में भी ऐसे उदहारण मिल जाते है ! रामायण में लक्षमण भी लगातार 14 वर्षों तक नहीं सोये थे , जबकि उर्मिला ( उनकी पत्नी ) इतनी ही अवधि तक सोइ ही रही थी!
नींद के कारण को समझने के लिए शरीर का एक और तथ्य समझे जो वैज्ञानिक भी नहीं समझा सकते है आपको , दिमाग ( ब्रेन ) और माइंड ( मन ) दो अलग अलग चीजे है जो की शरीर में ही है लेकिन मन शरीर में कहा है ये बात वैज्ञानिक भी नहीं जानते है ! वो मन ही शरीर में चेतना लाता है और दिमाग को काम में लेता है , अर्थात नियंत्रित करता है !
जब ये मन अचेतन हो जाता है तो हम सो जाते है , मतलब जब मन तक जाता है दिन भर के क्रियाकलापों से तो वो ही दिमाग को सुलाने का आदेश देता है !
शरीर को नींद की जरुरत नहीं है , उस मन को ही नींद की जरुरत महसूस होती है दिमाग तो इस मौके का फायदा उठाता है !
दिमाग शरीर को अंदर रिपेयर करता है , दिन भर की जो बातें है उन्हें फ़िल्टर ( छंटनी ) करता है जो आम है उन्हें भूल जाता है और जो ख़ास है उन्हें याद रखता है !
आपको शायद मालूम न हो लेकिन दिमाग का स्टोरेज इतना होता है जो की आप कल्पना भी नहीं कर सकते है ( सैकड़ो टेरा बीट्स में ) ! मतलब अगर आप मन को वश कर ले तो आप नींद को भी जित सकते है , मन को वश में करने के लिए योग का सहारा लिया जाता है ! आशा है बात ऊपर से नहीं गई होगी।

