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lose weight: मोटापा कम कैसे करें? बिना किसी सख्त डाइट या जिम के मात्र 3 महीने में चर्बी घटाएं

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डॉक्टर का मतलब दिमाग में क्या आता है? सफेद कोट, मरीजों की लाइन, रुक-रुक कर खाना, नींद पूरी नहीं... 35 साल के डॉ. साइमन डॉयल भी ऐसे ही थे। लंदन में जनरल फिजिशियन हैं, दिनभर मरीज देखते हैं।

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पर कोट के पीछे एक परेशानी थी जो हम सबकी है। कंधे में चोट लग गई और 1 साल तक जिम बंद। धीरे-धीरे पेट निकला, कपड़े टाइट हुए। वो खुद कहते हैं, "पता ही नहीं चलता। एक दिन आईना देखो तो लगता है ये मैं नहीं हूं।"

डॉक्टर साइमन डॉयल की कहानी: 

3 महीने में 19% से 10% फैट तक

टाइम नहीं है, काम बहुत है, थकान रहती है... वजन बढ़ने के बहाने तो हमारे पास हजार हैं। जिम जाने का मन करता है पर शेड्यूल देखकर प्लान कैंसिल। डाइट शुरू करते हैं पर 2 दिन में टूट जाती है।

साउंड करता है ना? बिल्कुल डॉक्टर साइमन डॉयल जैसा। वो लंदन के जनरल फिजिशियन हैं। दिनभर मरीज, फिर घर आकर थकान। कंधे की चोट ने 1 साल जिम बंद करवा दिया और धीरे-धीरे उनका वजन और कॉन्फिडेंस दोनों गिर गए।

पर फिर उन्होंने 3 महीने में कमाल कर दिया। बिना घंटों जिम किए, बिना भूखे रहे, बिना लाइफस्टाइल पूरी तरह बदले। फैट 19% से 10% पर आ गया।

फिर 3 महीने में खेल पलटा कैसे?

डॉक्टर साहब के पास फिटनेस इन्फ्लुएंसर जैसा टाइम नहीं था कि दिन में 2 बार जिम जाएं। सुबह से शाम मरीज। तो उनके ट्रेनर एडम ने प्लान ही बदल दिया।

1. जिम का टाइम 50 मिनट: 

घंटों पसीना नहीं। फुल-बॉडी वर्कआउट और सुपरसेट। मतलब चिन-अप के बाद तुरंत डिप्स। टाइम कम, असर ज्यादा।

2. डायरी रखना शुरू: 

पहले वो एक ही वजन उठाते रहते थे। अब हर सेट, हर किलो नोट करते। थोड़ा-थोड़ा वजन बढ़ाते गए। इसे कहते हैं "Progressive Overload"। मसल तभी बनती है जब चैलेंज दो।

3. खाना कम नहीं, हिसाब से: 

भूखे नहीं रहे। बस प्लेट का हिसाब लगाया। रोज 138 ग्राम प्रोटीन टारगेट। नाश्ते में ओट्स और केला और पीनट बटर। लंच-डिनर में चिकन फजीता बाउल। स्नैक में ग्रीक योगर्ट। कैलोरी डेफिसिट में खाते, पर पेट भरा रहता।

सबसे बड़ी बात -

वीकेंड पे बिरयानी, बियर सब चलता था। वो कहते हैं "खुद को मना नहीं करता, बस थोड़ा सोच-समझ कर खा लेता हूं।"

नतीजा?

डॉ. साइमन डॉयल की कहानी कोई जादू नहीं है। कोई 2 घंटे की जिम, कोई महंगे सप्लीमेंट, कोई क्रैश डाइट नहीं। बस 3 सिंपल चीजें - 50 मिनट का फुल-बॉडी वर्कआउट, हर सेट का हिसाब, और प्लेट में पोर्शन कंट्रोल।

उन्होंने साबित कर दिया कि बिजी लाइफ और फिटनेस एक साथ चल सकती हैं। डॉक्टर हो या स्टूडेंट, जॉब वाली हो या हाउसवाइफ - बहाना सबके पास है। पर रिजल्ट उसी को मिलता है जो बहाना नहीं, प्लान बनाता है।

फैट 19% से 10% तक जाना आसान नहीं था। पर नामुमकिन भी नहीं था। फर्क सिर्फ इतना था कि उन्होंने परफेक्ट होने का इंतजार नहीं किया। शुरू कर दिया। गिरे, सीखे, फिर उठे।

तो आईना देखकर उदास होने से कुछ नहीं होगा। आज से डायरी उठाओ, कल से 50 मिनट दो, प्लेट नापो। छोटे कदम, पर रोज।

याद रखो - शरीर 1 दिन में नहीं बिगड़ता, और 1 दिन में नहीं सुधरेगा। पर 3 महीने में कहानी बदल सकती है। बस शुरू करना पड़ेगा।

3 महीने में फैट 19% से 10%। आईने में फर्क दिखा, एनर्जी लौटी, कॉन्फिडेंस वापस।

इस कहानी से सीख क्या मिली?

कोई क्रैश डाइट नहीं, कोई दिन में 2 बार जिम नहीं।

बस 3 चीजें:

1. कम टाइम में फुल-बॉडी वर्कआउट

2. प्रोग्रेस लिखो, रोज थोड़ा वजन बढ़ाओ

3. खाना बंद नहीं, पोर्शन कंट्रोल करो और प्रोटीन बढ़ाओ

डॉक्टर साइमन की कहानी ये साबित करती है कि बिजी लाइफ भी बहाना नहीं है। छोटे-छोटे स्मार्ट बदलाव करो, रिजल्ट खुद आएगा। जिम 2 घंटे नहीं, 50 मिनट दो। पर रोज दो।


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